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यूक्रेन-रूस युद्ध पर बोले विदेश मंत्री- खून बहाकर और मासूमों को मारकर समस्या का हल नहीं निकलेगा, मामले की स्वतंत्र जांच हो

तर्कसंगत

April 6, 2022

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लोकसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूक्रेन के बूचा शहर में हुए हत्याओं की निंदा की. उन्होंने कहा कि भारत किसी भी संघर्ष के खिलाफ है. खून बहाकर और मासूमों को मारकर किसी भी समस्या का हल नहीं निकाला जा सकता. उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन को बातचीत के जरिए इस समस्या का हल निकालना चाहिए. यूक्रेन-रूस विवाद के कारण वैश्विक इकोनॉमी और हमारी अर्थव्यवस्था को भी गंभीर परिणाम झेलने पड़ रहे हैं. हम भी आकलन कर रहे हैं और तय कर रहे हैं कि हमारे राष्ट्र हित में क्या है. उन्होंने ये भी कहा, सदन में मौजूद सदस्य जानते हैं कि जटिल और वैश्विक परिदृश्य में हर देश ऐसी नीतियां अपनाते हैं, जिससे उनकी जनता सुरक्षित रहे. हम इस लड़ाई के खिलाफ हैं और बातचीत व कूटनीति ही इसका जवाब है. जयशंकर ने बताया कि भारत दौरे पर आए रूसी विदेशी मंत्री सर्गेई लावरोव को भी यही संदेश दिया गया था. अगर भारत इसमें कोई मदद कर सकता है तो हमें खुशी होगी.

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र की बैठक में भारत के राजदूत टी एस तिरुमूर्ति ने कहा कि बूचा में नागरिकों के मारे जाने संबंधी हालिया खबरें काफी परेशान करने वाली हैं. भारत बूचा हत्याओं की निंदा करता है और एक स्वतंत्र जांच की मांग का समर्थन करता है. यूक्रेन-रूस संघर्ष पर तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत हिंसा की तुरंत समाप्ति और शत्रुता खत्म करने की मांग को दोहराता है. उन्होंने कहा कि जब निर्दोष लोगों की जान दांव पर लगी हो तो केवल कूटनीति ही एकमात्र विकल्प रह जाता है.

इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मंगलवार को पहली बार यूएनएससी की बैठक को संबोधित किया. जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध अपराधों के लिए रूसी सेना को तुरंत न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए. जेलेंस्की ने रूसी सैनिकों को सबसे बर्बर अत्याचारी बताया साथ ही कहा कि वे इस्लामिक स्टेट समूह जैसे आतंकवादियों से अलग नहीं हैं.

बूचा शहर में आखिर हुआ क्या
यूक्रेन के विभिन्न इलाकों से सामने आई खौफनाक तस्वीरों ने दुनिया में खलबली मचा दी है और रूस के खिलाफ युद्ध अपराधों के लिए मुकदमा व कठोर पाबंदी लगाने की मांग की गई है. बूचा शहर में सैकड़ों लाशें मिली हैं जो सड़कों पर पड़ी हुई हैं. यूक्रेन का दावा है कि रूस के सैनिकों ने इस घटना को अंजाम दिया है. बूचा के डिप्टी मेयर टारस शप्रावस्की ने दावा किया कि यहां 300 से ज्यादा शव मिले हैं, जिनमें से करीब 50 शव ऐसे हैं जिनके साथ बर्बरता की गई है. हालांकि, रूस ने इसे यूक्रेन का प्रोपेगैंडा बताया है. इन तस्वीरों के सामने आने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसे ‘नरसंहार’ बताया है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर वॉर क्रिमिनल का केस चलाने की बात कही है.


रूस के खिलाफ पाबंदियों का दौर बढ़ा
ऑस्ट्रेलिया ने रूस से लैदर, गहने, वाइन जैसे सामान के निर्यात पर रोक लगाने का ऐलान कर दिया है. वहीं, अमेरिकी NSA जेक सुलविन का कहना है कि रूस पर और आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे। इधर, जर्मनी ने 40 रूसी डिप्लोमैट्स को बाहर निकाल दिया है. फ्रांस ने भी 35 रूसी राजनयिकों को हटाना का फैसला किया है. न्यूजीलैंड सरकार ने रूस से होने वाले सभी आयातों पर 35 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया है. साथ ही टेलीकॉम इक्विपमेंट और इंजन जैसे इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स के निर्यात पर प्रतिबंध लगाएगी.

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