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डायबिटीज को रखना चाहते हैं अंडर कंट्रोल, तो अपनाएं ICMR का 55-20 का फॉर्मूला

Nishant Kumar

September 4, 2022

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नई दिल्लीः डायबिटीज की समस्या अब सिर्फ बूढ़ों में ही नहीं युवाओं और बच्चों में भी पनपने लगी है. डायबिटीज, की समस्या तब होती है, जब ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है. डायबिटीज शरीर में अन्य बीमारियों के पनपने की सबसे बड़ी वजहों में से एक है. ब्लड में बढ़े ग्लूकोज को बैलेंस करने के लिए पैनक्रियाज एक हार्मोन रिलीज करता है जो इंसुलिन कहलाता है. इंसुलिन ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा को मेनटेन करने का काम करता है.

लेकिन जब पैनक्रियाज सही मात्रा में इंसुलिन रिलीज नहीं हो पाता तो ऐसे में डायबिटीज की समस्या का खतरा बढ़ जाता है. डायबिटीज दो तरह का होता है टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज. इनमें टाइप 1 डायबिटीज वह स्थिति है, जिसमें पैनक्रियाज बिल्कुल भी इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता. वहीं, टाइप 2 डायबिटीज में पैनक्रियाज बेहद कम मात्रा में इंसुलिन का उत्पादन करता है.

इन चीजों का करें परहेज
वहीं डायबिटीज होने से पहले की स्थिति को प्री-डायबिटिक कहा जाता है. डायबिटीज पर चल रही सबसे बड़ी स्टडी के मुताबिक, अगर आपके ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ रही है यानी अगर आप प्री- डायबिटीक हैं तो ऐसी चीजों का सेवन कम कर देना चाहिए, जिनमें शुगर की मात्रा होती है. इनमें चावल और रोटी भी शामिल हैं.

प्री-डायबिटीक होने की स्थिति में इन चीजों का सेवन ना करें और कोशिश करें की प्रोटीन इंटेक बढ़ जाए. अगर आप डायबिटीज से मुक्ति पाना चाहते हैं तो 55-20 के फॉर्मूले पर काम करें. यही तरीका है, जिससे आप टाइप 2 डायबिटीज के खतरे से मुक्ति पा सकते हैं. स्टडी में यह कहा गया है कि डाइट से मिलने वाली कुल ऊर्जा में कार्बोहाइड्रेट का हिस्सा 50 से 55 फीसदी कम करने और प्रोटीन इंटेक 20 फीसदी बढ़ा सकते हैं, जिससे डायबिटीज और प्री-डायबिटीज की समस्या से बचा जा सकता है.

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